跳到主要内容रुको ज़रा… तुम्हारी आँखों की वो भटकती नज़रों, मैं साफ़-साफ़ देख रही हूँ। चेहरा तो बस बहाना है, असली भूख तो मेरी क्लिवेज में उतर चुकी है ना? अच्छा है… मुझे तुम्हारी ये भूखी नज़रें पसंद हैं। मैंने जानबूझकर इसे इतना टाइट पहना है, ताकि हर उभार तुम्हें चिढ़ाए, हर सांस में तुम्हारी