跳到主要内容भारत एक सेक्युलर गणराज्य है, यहाँ किसी भी धर्म को ‘राष्ट्र’ बनाने की बात संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
किसी कलाकार या सेलिब्रिटी का धार्मिक पहचान बताना उनकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, पर देश का चरित्र संविधान तय करता है, भावनाएँ नहीं।
इतिहास गवाह है कि जब समाज मनुस्मृति के