跳到主要内容हमारी लड़ाई कभी अपने लोगों से नहीं रही…
न हम अपनों से नाराज़ हैं, न अपनों से दूर।
हमारी लड़ाई उन तानाशाहों से है जो संविधान को कमजोर करना चाहते हैं,
उन जातिवादियों से है जो समाज को फिर से बाँट देना चाहते हैं,
और उन समानता-विरोधियों से है जो बाबा साहेब के सपने को मिटाना चाहते