जब लड़कियों का स्कूल जाना अपराध माना जाता था, जब किताब उठाना बग़ावत कहलाता था, तब एक स्त्री थी… जो पत्थरों, गालियों और तिरस्कार के बीच ज्ञान की ज्योति लेकर निकली। वो सिर्फ़ शिक्षिका नहीं थीं, वो सोच बदलने वाली क्रांति थीं। वो सावित्रीबाई फुले थीं। आज अगर बेटियाँ पढ़ रही हैं,

जब लड़कियों का स्कूल जाना अपराध माना जाता था, जब किताब उठाना बग़ावत कहलाता था, तब एक स्त्री थी… जो…
  1. #1

    दिल्ली पुलिस के सम्मानित वरिष्ठ अधिकारियों से मेरा संविधान सम्मत ये सवाल है कि थाना ग़ाज़ीपुर में हमारे संगठन समता मूलक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भाई राजपाल सिंह के साथ हुई कथित मार…

  2. #2

    लोकतंत्र की जीत हुई… भारत का संविधान जीत गया…. इस देश का युवा छात्र जीत गया…. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा…. #DharmendraPradhan

  3. #3

    लाठी मारने वाला और लाठी से पिटने वाला दोनों एक साथ पानी पी रहे हैं…. तो 20 जुलाई को जो हुआ वो हुआ क्यों? क्योंकि इस मोहब्बत के बीच खड़ा है तानाशाह…

  4. #4

    लोकतंत्र का मजाक बनाने वाले तानाशाह कैसा लगा हमारा मजाक…. किससे टकराने चला है तानाशाह ये नौजवान हैं….

  5. #5

    नौजवानों से टकराने चला है ये क्रूर तानाशाह शायद भूल गया है की ये देश की रीड है अगर इसपर वार होगा तो…..

  6. #6

    ए तानाशाह तेरी पुलिस हड्डी तोड़ सकती है, सर फोड़ सकती है लेकिन क्या इस हौसले को तोड़ सकती है?

查看 @abhijatav07 的全部帖子