अगर एक परिवार के दस सदस्य जनप्रतिनिधि होंगे , तो दसों सुरक्षा व् आवास के हक़दार हैं ..
दिमागी दिवालियापन की कगार पर पहुँच चुके बिहार के मुख्यमंत्री को इस बात का ज्ञान नहीं है कि हरके चुने गए विधानसभा - विधान परिषद के सदस्य को आवास व् सुरक्षा मुहैय्या कराना सरकार का दायित्व होता