इसको ही कहते हैं " जिस थाली में खाना , उसी में छेद करना " .. विधायक के द्वारा ये कहना कि " राजद लठैत पार्टी थी " , बिल्कुल सामंती सोच वाला बयान है और ये लालू जी की विचारधारा के विरोधियों की भाषा है .. कहीं ऐसा तो नहीं कि विधायक विरोधियों और राजद में घुसपैठ कर बैठे विरोधियों के