इन त्रासदियों को अभी न जाने कितनी सदियों तक सहना है हौंसला रखिए,
वे तुम्हें जीने नहीं देंगे, हम तुम्हें मरने नहीं देंगे!
अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय सामाजिक व्यवस्था में सबसे निचले पायदान पर खड़ी जातियों की पीड़ा, दुर्दशा और उत्पीड़न पर निर्भीकता से सवाल उठाने वाले महान