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मेरे दादाजी अक्सर कहा करते थे— “ज़िंदगी, ॐ से ॐ तक की यात्रा है।” 🕉
बचपन में यह बात बस एक वाक्य लगती थी। उम्र बढ़ी, अनुभव बढ़े, तो उसके अर्थ भी खुलते चले गए।🤓
ॐ से ही आरंभ… और अंत भी ॐ में।
जन्म भी उसी अनंत चेतना से, और अंतिम विलय भी उसी में। बीच का जो समय है, वही हमारी कहानी