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आज भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का सपना साकार होने जा रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा दिन है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।
प्रभूतं कार्यमल्पं वा यन्नरः कर्तुमिच्छति।
सर्वारम्भेण तत् कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते।।