जनता की ताकत से ताकतवर तानाशाहों के सिंहासन भी जमींदोज हो जाते हैं ..
सत्ता का अहंकार हमेशा के लिए नहीं होता; जनता की अदालत ही सबसे बड़ी होती है.. इतिहास गवाह है कि जब जनता जवाब मांगने, हिसाब करने सड़क पर उतरती है, तो सबसे ताकतवर तानाशाहों के सिंहासन भी जमींदोज हो जाते हैं ,