हमारी सरकार बनी तो हम जेल में बंद नकल माफियाओं को बाहर कराएँगे। ये कहकर अखिलेश यादव ने वोट मांगे थे भूल गए क्या?
थोड़ी थोड़ी नकल सब करते हैं मैंने भी थोड़ी नकल की है ये कहने वाले अखिलेश यादव कभी छात्र हितैषी हो सकते हैं? छात्र हित का इनका आज ये सिर्फ ढोंग है अगर कभी सरकार में