कल तक कुछ लोग सोशल मीडिया पर “जैसी करनी, वैसी भरनी” की नसीहत दे रहे थे। आज वक्त ने ऐसा पलटा खाया कि वही लोग खुद जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। उनके चेहरे की रौनक गायब है और हाल ऐसा है कि चेहरा लंगूर जैसा उतर गया है। सच यही है—समय सबसे बड़ा न्यायाधीश होता है, और कर्म का हिसाब

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    बिहार में अब न नागरिक सुरक्षित हैं, न ही सरकार के प्रशासनिक अधिकारी! ​रोहतास (डेहरी) के नगर परिषद EO विमल कुमार जी की बेरहमी से हत्या राज्य की बदहाल कानून-व्यवस्था का जीता-जागता स…

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    शहीद सरदार उधम सिंह जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि जनशक्ति जनता दल परिवार की ओर से शहीद-ए-आज़म सरदार उधम सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजल…

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    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी को धन्यवाद। आख़िरकार मुझे जेल भेजकर आपने मुझे जनता के बीच और मज़बूती से खड़ा होने का अवसर दिया। इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं संघर्ष से…

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    मैं, तेज प्रताप यादव, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से यह विशेष अपील करता हूँ कि वे अविलंब बिहार की धरती पर आएं। ​बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए…

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    मेहनत की स्याही का जब हिसाब माँगा युवाओं ने तो कुर्सियों के गुरूर भी ज़मीन पर आ गिरे। आज बिहार बंद के दौरान छात्रों के समर्थन में जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर यु…

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    जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्र-छात्राओं की आवाज़ को सरकार गंभीरता से सुननी चाहिए। यदि छात्र-छात्राएं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं, तो सर…

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