T 5816 - चक्की चल रही है !!

  1. #1

    T 5817 - आज आप सब का स्नेह - विभोर ! धीरे धीरे उत्तर दूँगा

  2. #2

    T 5815 - "अनवरत समय की चक्की चलती जाती है ... "

  3. #3

    T 5814 - देख लो

  4. #4

    T 5813 - ए भैया ! हावड़ा का पुल देखे हो !

  5. #5

    T 5812 - Guru poornima Greetings एकमप्यक्षरं यस्तु गुरुः शिष्ये निवेदयेत्। पृथिव्यां नास्ति तद्द्रव्यं यद्दत्त्वा ह्यनृणी भवेत् ।। *(स्कन्दपुराणम्,४४/१७)* अर्थात्- गुरु शिष्य को ज…

  6. #6

    T 5812 - हाथ जोड़, आभार !! और तुलसी पे जलम समर पयानी 🕉️

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