कल मंडीदीप जाते और आते हुए दो सड़क दुर्घटनाएं देखीं। मन व्यथित हो गया। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति किसी का बेटा, पिता, भाई या पति है। घायल को देखकर रुकना मजबूरी नहीं, इंसानियत है, हमारा धर्म है। आपका एक मिनट किसी का परिवार बचा सकता है। Shivraj Singh Chouhan @ChouhanShivraj · 2026-09-07 你的浏览器不支持视频播放。 0:00 / --:--