बंदूक से सुई-धागे तक का यह सफर सिर्फ बदलाव की कहानी नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में करीब 130 पूर्व महिला नक्सली आज सिलाई-कढ़ाई का हुनर सीखकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।
बस्तर बदल रहा है।
अब हाथों में हथियार नहीं, हुनर है, और आंखों में डर