प्रधान शिक्षकों का स्वतंत्र और अपना संगठन नहीं है। इसका क्या कारण हो सकता है? क्या बिना संघ या संगठन के सरकार हमारी मांगे पूर्ण कर सकती है?
शिक्षामंत्री महोदय ने भी वार्ता के लिए शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। ऐसे में हेड टीचर्स की समस्याओं को कौन रखेगा?