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आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह, राष्ट्रभक्ति और साहित्यिक जागरण के अग्रदूत, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
अपने ओजस्वी लेखन और सामाजिक चेतना से उन्होंने न केवल हिंदी साहित्य को समृद्ध किया, बल्कि समाज में नवजागरण और राष्ट्रीय चेतना का संचार भी किया।