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लोकतंत्र खत्म हो चुका है, अब केवल अपनी जाति के एक-दो सांसद संसद में भेजने से अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे।
हमें जातियों की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा और संविधान, लोकतंत्र व सामाजिक न्याय के पक्ष में खड़े 272 सांसदों को संसद में भेजना होगा।
यही हमारे अधिकार, सम्मान और