跳到主要内容महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ दास जी की जयंती पर शत्-शत् नमन।
देश की आजादी और जेल में बंद क्रांतिकारियों के अधिकारों के लिए उन्होंने 63 दिनों तक अनशन किया और अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उनका त्याग, साहस और देशप्रेम हमेशा प्रेरणास्त्रोत रहेगा।