मोदी ने तय किया है कि हरदीप पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजा जायेगा और इसके साथ ये भी बता दिया कि पुरी मंत्री भी बने रहेंगे.
दूसरे देशों में जिसका भी नाम एपस्टीन के साथ जुड़ा उसके इस्तीफे हो गये.
ऐसी क्या मजबूरी/वजह है कि मोदी हरदीप पुरी को बचा रहे हैं?