जब कोई “भीमटी” कहता है तो “भीम” का नाम गूंजता है , जब कोई “नीलचट्टी” कहता है तो नीला रंग याद आता है जो समता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है।
ये शब्द हमें मज़बूत करते हैं। हम महिलाओं से ना कोई हमारी आवाज़ छीन सकता है, ना समाज और ना ही समाज का समर्थन।
चाहे मैं हूँ, “कंचना यादव” हों