跳到主要内容आज नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि -
देश में लोकतंत्र की जगह तानाशाही हावी हो रही है। केवल अपनी जाति के एक-दो सांसदों को संसद में भेजने से काम नहीं चलेगा। हमें एकजुट होकर संविधान और सामाजिक न्याय के पक्ष में खड़े 272 सांसदों को