समाज की वास्तविकता को समझने के लिए उसके आदर्शों के साथ-साथ भ्रष्टाचार, पाखंड और विसंगतियों को भी देखना चाहिए। श्रीलाल शुक्लTarksheel Adda @TarksheelAdda · 3 天前