Tarksheel Adda

@TarksheelAdda

तर्कशील समाज बनाने की एक पहल | तर्कशील अड्डा 🥀🧠

已收录 21 条帖子

  1. #1

    शिक्षित व्यक्ति वह है जो खुद सोच सके और अन्याय पर सवाल उठा सके। आचार्य नरेंद्र देव

    शिक्षित व्यक्ति वह है जो खुद सोच सके और अन्याय पर सवाल उठा सके। आचार्य नरेंद्र…
  2. #2

    जब धर्म लोगों के सिर पर चढ़ जाता है, तो इंसान की जुबान में ज़हर और व्यवहार में नफरत भर जाती है। अमृता प्रीतम

    जब धर्म लोगों के सिर पर चढ़ जाता है, तो इंसान की जुबान में ज़हर और व्यवहार में…
  3. #3

    आपको अपना अपमान सहने की कला आनी चाहिए। सरदार वल्लभभाई पटेल

    आपको अपना अपमान सहने की कला आनी चाहिए। सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. #4

    हर गंभीर दिखने वाली बात वास्तव में बुद्धिमत्तापूर्ण नहीं होती। सुकुमार राय

    हर गंभीर दिखने वाली बात वास्तव में बुद्धिमत्तापूर्ण नहीं होती। सुकुमार राय
  5. #5

    हमारी इच्छाएँ और मान्यताएँ कुछ भी हों, वास्तविकता तथ्यों से ही तय होती है। जॉन एडम्स

    हमारी इच्छाएँ और मान्यताएँ कुछ भी हों, वास्तविकता तथ्यों से ही तय होती है। जॉन…
  6. #6

    असंख्य नंगे पाँवों को कुछ जूते कुचल रहे हैं। इब्बार रब्बी

    असंख्य नंगे पाँवों को कुछ जूते कुचल रहे हैं। इब्बार रब्बी
  7. #7

    देशभक्ति में इतना अंधा मत बनो कि हकीकत का सामना ही न कर सको। गलत तो गलत ही है, चाहे कोई भी करे या कहे। मैल्कम एक्स

    देशभक्ति में इतना अंधा मत बनो कि हकीकत का सामना ही न कर सको। गलत तो गलत ही है,…
  8. #8

    नए विचारों पर संदेह किया जाता है और उनका विरोध किया जाता है, क्योंकि वे सामान्य नहीं होते। जॉन लॉक

    नए विचारों पर संदेह किया जाता है और उनका विरोध किया जाता है, क्योंकि वे सामान्य…
  9. #9

    समाज की वास्तविकता को समझने के लिए उसके आदर्शों के साथ-साथ भ्रष्टाचार, पाखंड और विसंगतियों को भी देखना चाहिए। श्रीलाल शुक्ल

    समाज की वास्तविकता को समझने के लिए उसके आदर्शों के साथ-साथ भ्रष्टाचार, पाखंड और…
  10. #10

    तुम संदेह करते हो क्योंकि तुम सत्य से प्रेम करते हो। जॉर्ज मैक्डोनाल्ड

    तुम संदेह करते हो क्योंकि तुम सत्य से प्रेम करते हो। जॉर्ज मैक्डोनाल्ड
  11. #11

    “लोग ईश्वर की आज्ञा का पालन नहीं करते। वे उन लोगों की आज्ञा मानते हैं, जिन्होंने उनके धर्म की रचना की है।” सोफ़ो आर्कॉन

    “लोग ईश्वर की आज्ञा का पालन नहीं करते। वे उन लोगों की आज्ञा मानते हैं, जिन्होंन…
  12. #12

    “किसी व्यवस्था की न्यायप्रियता इस बात से परखी जानी चाहिए कि वह अपने विरोधियों और बंदियों के साथ कैसा व्यवहार करती है।” जतींद्रनाथ दास

    “किसी व्यवस्था की न्यायप्रियता इस बात से परखी जानी चाहिए कि वह अपने विरोधियों औ…
  13. #13

    “सत्य की खोज में सबसे बड़ी बाधा यह मान लेना है कि सत्य पहले से ही हमारे पास है।” बर्ट्रेंड रसेल

    “सत्य की खोज में सबसे बड़ी बाधा यह मान लेना है कि सत्य पहले से ही हमारे पास है।…
  14. #14

    भारत में अच्छी नौकरी या अच्छा धंधा जमने तक हर बुद्धिमान क्रांतिकारी होता है। हरिशंकर परसाई

    भारत में अच्छी नौकरी या अच्छा धंधा जमने तक हर बुद्धिमान क्रांतिकारी होता है। हर…
  15. #15

    “सच्ची पत्रकारिता वही है जो सत्ता से सवाल करे और आम आदमी के पक्ष में खड़ी हो।” गणेश शंकर विद्यार्थी

    “सच्ची पत्रकारिता वही है जो सत्ता से सवाल करे और आम आदमी के पक्ष में खड़ी हो।”…
  16. #16

    “भयावह यथार्थ के सम्मुख ‘धर्म’ जैसी चीज़ कितनी काल्पनिक जान पड़ती है!” निर्मल वर्मा

    “भयावह यथार्थ के सम्मुख ‘धर्म’ जैसी चीज़ कितनी काल्पनिक जान पड़ती है!” निर्मल व…
  17. #17

    “कला वह झूठ है जो हमें सत्य को समझने में सक्षम बनाता है।” पाब्लो पिकासो

    “कला वह झूठ है जो हमें सत्य को समझने में सक्षम बनाता है।” पाब्लो पिकासो
  18. #18

    “तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा।” साहिर लुधियानवी

    “तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा।” साहिर लुधियानवी
  19. #19

    किताबें हमें रोटी नहीं देतीं लेकिन यह ज़रूर बताती हैं कि हमारे हिस्से की रोटी कौन खाता है। कुलविंदर कैलाश

    किताबें हमें रोटी नहीं देतीं लेकिन यह ज़रूर बताती हैं कि हमारे हिस्से की रोटी क…
  20. #20

    जहां ग़रीबी होती है वहीं अज्ञानता के घोड़े पर धर्म के ढेर बजबजाते हैं। इस्मत चुग़ताई

    जहां ग़रीबी होती है वहीं अज्ञानता के घोड़े पर धर्म के ढेर बजबजाते हैं। इस्मत चु…
  21. #21

    कितने शर्म की बात है कि हम कुत्ते को गोद में उठा सकते हैं, उसे रसोई में भी ले जा सकते हैं, लेकिन इंसान के स्पर्श मात्र से धर्म भ्रष्ट हो जाता है। शहीद भगत सिंह

    कितने शर्म की बात है कि हम कुत्ते को गोद में उठा सकते हैं, उसे रसोई में भी ले ज…