हज़ारों लोग सड़कों पर हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं से मणिपुर ग़ायब है।
मोदी जी, मणिपुर भी भारत है। वहाँ के नागरिकों की ज़िंदगी चुनावी रैलियों से ज़्यादा क़ीमती है।
क्या मणिपुर की जनता को प्रधानमंत्री का ध्यान खींचने के लिए चुनाव का इंतज़ार करना पड़ेगा?