मोदी-शाह और भाजपा के बड़े-बड़े नेता घुसपैठियों के नाम पर देशभर में हंगामा मचाते रहे!
अब खबर है कि छह राज्यों में SIR के बाद महज़ 1,600 विदेशी मतदाता चिह्नित हुए!
चुनाव आयोग बताए, आखिर इस राजनीतिक शोर के बीच कितने निर्दोष मतदाताओं का अधिकार खतरे में पड़ा?